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MAHESH PASWAN कहानी सच्ची है सत्य और झूठ  की खरीदारी  एक समय की बात है। एक गुरु ने अपने शिष्य से कहा की तुम झूठ और सत्य की खर...

Wednesday, 29 June 2016

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MAHESH PASWAN

कहानी सच्ची है

सत्य और झूठ  की खरीदारी 

एक समय की बात है। एक गुरु ने अपने शिष्य से कहा की तुम झूठ और सत्य की खरीदारी करके लाओ गुरु ने शिष्य को कुछ रूपए देकर गाँव  में भेजा।  शिष्य गाओं में सच और झूठ की खरीदारी करने निकला। गाओं में जाकर उस ने  दुकानदार से कहा। मुझे इन पैसो का सच और झूट लेना है। सब दुकानदार ने उस शिष्य को मुर्ख  कहकर भगा दिया। अंत में एक बहुत  बूढ़ा सौदागर मिला उससे उस शिष्य ने कहा। सौदागर ने कहा मैँ  तुम्हे सत्य और झूठ देता हूं। सौदागर ने उससे रुपए लेकर कहा की सबसे बरा सत्य है की मनुष्य मरणशील हैं। हर एक मनुष्य को मरना।सबसे बड़ा झूँठ है की मनुष्य बोलता है की मैं  जीऊंगा।संसार में मेरा सब कुछ है। शिष्य ये बात सुनकर गुरु के पास लौट गया।

                       
                              गुरूजी
       
          सत्य तो येही है की मनुष्य मरणशील है 
           मृत्यु मनुष्य का सबसे बड़ा सत्य हैं। 

            झूठ वो है जो मनुष्य कहता है की मैं                              जिऊंगा।संसार में मेरा बहुत कुछ है 
              अंत में वह सब कुछ यहीं  रह जाता हैं।    1.